राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर जिला अस्पताल और जेएनएस कॉलेज में हुआ शपथ ग्रहण, 11 रक्तवीरों ने किया महादान
शाजापुर। अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझते किसी अनजान मरीज के लिए खून की कुछ बूंदें संजीवनी का काम करती हैं। समाज में इसी संजीवनी की अहमियत को जन-जन तक पहुंचाने और इंसानियत के सबसे बड़े धर्म को निभाने के उद्देश्य से जिलेभर में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर गुरूवार को जिला चिकित्सालय शाजापुर एवं जे.एन.एस. कॉलेज, शुजालपुर में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने एक स्वर में नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान करने की शपथ ली।
युवाओं ने पेश की मिसाल, 11 यूनिट रक्त हुआ एकत्रित
रक्तदान के इस संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए, जिला चिकित्सालय शाजापुर में विशेष रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 11 यूनिट रक्तदान कर समाज के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश की। यह एकत्रित रक्त आपात स्थिति में जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के काम आएगा।
भ्रांतियां दूर कर बताया रक्तदाताओं का महत्व
कार्यक्रम के दौरान डॉ एसडी जायसवाल ने उपस्थित जनसमूह को रक्तदान से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों और इसके फायदों के बारे में जागरूक किया। उन्होने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी के घर का चिराग बुझने से बचा सकता है। उन्होने रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
एक टीम, एक लक्ष्य…
आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति एक नई अलख जगाना था। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य विभाग के इस सशक्त और प्रेरक नारे के साथ हुआ “एक टीम, एक लक्ष्य जीवन बचाना हमारा कर्तव्य।” रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए सभी ने अंत में यह संदेश दोहराया कि मानव सेवा के इस यज्ञ में रक्तदान ही सबसे बड़ा महादान है।
शाजापुर और शुजालपुर में गूंजा रक्तदान का संकल्प

