कलेक्टर परिसर में मुझे यह माताजी वकील साहेबान की टेबल टेबल विको कंपनी के प्रोडक्ट्स बेचने हेतु पूछताछ करते दिखी ! पकी हुई उम्र में झुकी कमर और धीमे लेकिन स्थिर कदमों से प्रोडक्ट्स खरीदने की इन माताराम की गुहार ने मेरे संवेदनशील मन में असर किया लिहाज़ा मैंने इसने नमस्ते करते हुए प्रोडक्टस की पूछताछ कर कुछ खरीदने का आग्रह किया ! आपने चर्चा में बताया कि 71 वर्ष की उम्र में वे स्वाभिमान और गरिमा से जीवन गुज़ारना चाहती है और मेहनत की कमाई से घर चलाना चाहती है ! कहने लगी कि घर ही के कुछ सदस्यों ने जब घर बर्बाद करने की ठानी तो वे भी नियति के आगे मजबूर हो गयी ! पति स्वर्गवासी हो गए है ! बेटे है जो कभी कभार कुछ कमा लेते है ! उनके द्वारा मराठी सरनेम बताये जाने पर मैंने पूछा कि आप मराठा है तो कहने लगी कि – हम मराठा नहीं , मराठी है ! मराठा तो खाते पीते है किन्तु हम तो ब्राम्हण है ! हालांकि कोर्ट परिसर के कुछ भले वकील साहेबान इनकी घर गृहस्थी में हर तरह की माली इमदाद को तत्पर है किन्तु वृद्ध संध्या ताई को तो मेहनतकश जीवन और ईमानदारी से कमाए रुपयों की रोटी ही गले उतरती है ! सच कहूं तो आजकल के इस घोर कलयुग में मुझे संध्या ताई जैसे कर्मठ लोगो पर फ़क़्र होता है ! इतनी विषम परिस्थियों में भी उनके चेहरे पर कोई शिकवा शिकायत नहीं है बल्कि है तो पुर नूर मुस्कुराहट है जो काम करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्पद है ! आज टेक्नोलॉजी के इस युग में जहां हर चीज स्मार्ट फोन पर फिंगर की मामूली हरकत से मुहैया हो जाती है वहां हमें ढलती उम्र के इन कर्मवीरों का हमे तह ए दिल से सम्मान करना चाहिए । आवश्यकता न होने पर भी इनसे कुछ सौदा खरीदना चाहिए क्योंकि ये मेहनत की रोटी खाना चाहते हैं। संध्या ताई जैसे हजारों लाखों करोड़ो श्रम साधक मिलकर सुंदर और कर्म की महत्ता वाले भारत का निर्माण करते है ।ताई कहने लगी कि उन्होंने कभी मोदी केयर कंपनी के प्रोडक्ट्स बेचकर नाम कमाया था , फ़िलहाल कपड़े के एक बड़े झोले में वे विको वज्रदंती के ब्रश , टूथपेस्ट , दर्द निवारक क्रीम इत्यादि बेचती है ! रु 70 /- का एक टूथपेस्ट और रु 35 /- की एक दर्द निवारक क्रीम उनसे खरीदकर उनका आशीर्वाद लेकर फिर में अपने काम के लिए रुखसत हुआ !
मुफ़ज़्ज़ल हुसैन …..✍️9754655030

