शाजापुर। जिला नापतौल विभाग का कार्यालय इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। सोमवार को कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय के बाहर विभाग का बोर्ड तक नजर नहीं आया। ऐसे में दूर-दराज से अपने काम के लिए पहुंचने वाले लोगों को यह तक पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि संबंधित विभाग का कार्यालय आखिर है कहां और कब खुलता है।
कार्यालयीन व्यवस्था की पड़ताल के दौरान सुबह से ही कार्यालय बंद मिला। कार्यालय खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी आशीष चौहान को दिए जाने की जानकारी सामने आई। करीब 11:30 बजे जब आशीष चौहान से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें आने में देर हो गई है और वे कार्यालय पहुंच रहे हैं। सवाल यह है कि यदि कार्यालय खोलने की जिम्मेदारी तय है तो निर्धारित समय पर कार्यालय क्यों नहीं खुला?
वहीं महेश बाबू से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय स्तर पर उनके कार्यालय से अक्सर अनुपस्थित रहने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की विभागीय स्तर पर पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
जिम्मेदारी किसकी, जवाबदेही कौन लेगा?
सरकारी कार्यालयों में निर्धारित समय पर कर्मचारियों की मौजूदगी और आम लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में जिला नापतौल विभाग का कार्यालय बंद मिलना और बाहर विभागीय बोर्ड तक नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि कार्यालय संचालन की जिम्मेदारी किसी कर्मचारी को सौंपी गई है तो उसकी निगरानी कौन करता है और निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं खुलने पर जवाबदेही किसकी तय होती है?
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
पूरे मामले में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। क्या कार्यालय के खुलने और बंद होने का कोई नियमित निरीक्षण होता है? क्या कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की जाती है? यदि कार्यालय निर्धारित समय पर नहीं खुलता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का कोई प्रावधान है या नहीं? इन सवालों के जवाब विभागीय अधिकारियों को देने होंगे।
जनहित से जुड़े नापतौल विभाग के कार्यालय की ऐसी स्थिति सामने आने के बाद अब देखना यह है कि वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर कार्यालय के दरवाजे पर लटका ताला ही विभागीय व्यवस्था की कहानी कहता रहेगा।

